उत्तर भारत का विख्यात बटेश्वर मेला काफी समय पहले से लगता चला आ रहा है। 1645 में तत्कालीन भदावर नरेश बदन सिंह ने मेला शुरू किया था। उस दौरान मेले में हाथी भी बिकने आते थे। सेना के लिए ऊंट और घोड़े यहीं से खरीदे जाते थे। अब बटेश्वर में चारों ओर ऊंट ही ऊंट दिखाई दे रहे हैं।