आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर खंदौली स्थित मई चौराहे के पास अलीगढ़ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अली मुस्तफा पर हमला बोला गया। उनकी कार में बाइक की टक्कर लगने पर समझाने पर युवक ने अपने 30-40 साथियों को बुला लिया। न्यायिक अधिकारी, उनके पिता और गनर के साथ मारपीट की। जान से मारने और कार में आग लगाने की कोशिश की। न्यायिक अधिकारी ने परिवार सहित किसी तरह कार ले जाकर अपनी बचाई। मुख्य आरोपी ने कार का शीशा तोड़ दिया। मामले में पुलिस ने भूपेंद्र और 30-40 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी के अनुसार, घटना 24 अक्तूबर की है। अलीगढ़ न्यायालय की कोर्ट संख्या पांच में तैनात अपर जिला जज अली मुस्तफा पिता गुलाम मुस्तफा, मां और गनर के साथ लखनऊ से अलीगढ़ जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली इंटरचेंज से उतरकर वह आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर आए। मई चौराहे पर जवाहर इंटर कॉलेज के सामने शराब के नशे में आए बाइक सवार ने कार में चालक साइड पर टक्कर मार दी। इससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। न्यायिक अधिकारी ने कार को रुकवा। इसके बाद बाइक सवार को गलत ड्राइविंग के बाबत समझाया तो वह गाली देने लगा। अपना नाम भूपेंद्र निवासी गोविंदपुर बताया। कहा कि वह बीएसएफ में जवान है। अपने समर्थन में 30-40 लोग बुला लिए। न्यायिक अधिकारी ने दर्ज प्राथमिकी में लिखा कि हमलावरों ने उनसे, उनके पिता और गनर से मारपीट शुरू कर दी। उनके पिता की नाक और दोनों हाथों की कलाइयों में चोटें आईं। आरोपियों ने परिवार को जान से मारने और कार में आग भी लगाने का प्रयास किया। अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए कार को किसी तरह वहां से निकाला। भूपेंद्र ने कार पर हेलमेट या किसी अन्य वस्तु मारकर पिछला शीशा तोड़ दिया। उन्होंने 112 पर सूचना दी मगर मौके पर सहायता नहीं मिली। उन्होंने थाना प्रभारी को फोन पर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गोविंदपुर, थाना सादाबाद, हाथरस निवासी भूपेंद्र और 40 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।