हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वेतन संकट गहराने के बाद गुरुवार सुबह से गैर शिक्षक कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। अक्तूबर का वेतन 4 नवंबर तक भी जारी नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। धरने में विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त और पूर्व कर्मचारी भी सक्रिय रूप से आंदोलन में शामिल हुए। वेतन संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में सभी चार गैर-शिक्षक संगठन एकजुट हैं। समिति के अध्यक्ष सुरेश वर्मा, उपाध्यक्ष प्रेम राज शर्मा, महासचिव नरेश कुमार शर्मा, समन्वयक राजेश ठाकार और संयुक्त सचिव मोहन लाल शर्मा ने कहा कि सरकार को 5 नवंबर तक का समय दिया गया था लेकिन वेतन जारी नहीं होने के बाद अब यह धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार समय पर विश्वविद्यालय को ग्रांट जारी नहीं कर रही, जिसके कारण हर माह वेतन में देरी हो रही है। इससे कर्मचारियों को बैंक लोन किराया और पारिवारिक खर्च पूरे करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों को किस्तें समय पर न जमा करने के कारण जुर्माना भरना पड़ रहा है। वहीं धरने के चलते विश्वविद्यालय में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। परीक्षा शाखा लेखा शाखा और रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्य बाधित रहा। छात्र प्रमाणपत्र फॉर्म और फीस संबंधी कार्यों के लिए भटकते नजर आए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि प्रदेश सरकार से ग्रांट जारी करने की प्रक्रिया जारी है और जल्द भुगतान होने की उम्मीद है। वहीं कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक वेतन खातों में नहीं पहुंचता, धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।