शिमला में बाहरी राज्यों के लोगों के अवैध रूप से रेहड़ी-फड़ी लगाने के मुद्दे को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने हिमाचल के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपा है। समिति का कहना है कि शहर में बिना अनुमति के बढ़ रही रेहड़ी-फड़ी गतिविधियों से स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि इसमें बाहरी राज्य से विशेष धर्म के लोग शामिल हैं। हिंदू संघर्ष समिति के नेता विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शहर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। विजय शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां राज्य के जनसंख्या ढांचे में बदलाव का संकेत दे रही हैं, जिससे भविष्य में सामाजिक असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है। समिति ने राज्यपाल से मांग की है कि मामले की गहन जांच करवाई जाए और अवैध रूप से कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए, ताकि बिना अनुमति किसी को भी सार्वजनिक स्थानों पर व्यापार करने की छूट न मिले। हिंदू संघर्ष समिति ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार और प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित कदम उठाएंगे, ताकि शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जा सके।