राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने अरावली पहाड़ियों पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा, "अरावली राजस्थान की जीवनरेखा है। रेगिस्तान को रोकने का काम अरावली करती है... वैज्ञानिकों ने भी माना है कि अगर अरावली पर्वतमाला नहीं होती, तो दिल्ली तक का पूरा इलाका रेगिस्तान बन गया होता। आज पूरा देश और दुनिया पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंतित है, लेकिन हम इस बात को लेकर चिंतित नहीं हैं कि अरावली पर्वतमाला को कैसे बचाया जाए। केंद्र सरकार ने एक सिफारिश भेजी है कि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को खनन के लिए खोल दिया जाना चाहिए... यह बहुत बड़ा मुद्दा है। जनता सब जानती है; वे जानते हैं कि ये लोग सिर्फ़ जाति और धर्म के नाम पर देश को बांटते हैं, वोट पाने के लिए हिंदू-मुस्लिम की बात करते हैं, और फिर गायब हो जाते हैं... यह गलत है।"