जयपुर को अब केवल गुलाबी नगरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। शहर के जैमस्टोन कारोबार से जुड़े कारोबारी इसे 'वर्ल्ड जैमस्टोन सिटी' के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह कारोबार करीब 2 लाख परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ा है। आरआईसी में आयोजित JAGS-2026 (जयपुर एसोसिएशन जेमस्टोन शो) के 30वें संस्करण में जयपुर के कारोबारियों के सामर्थ्य की झलक देखने को मिली है। एक दिन के शो में करीब 5 हजार से अधिक ट्रेड विजिटर्स पहुंचे हैं। 210 बूथ पर खरीदारों और कारोबारियों की भीड़ देखने को मिली।
'वर्ल्ड जैमस्टोन सिटी' की मुहिम
जयपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू मंगौड़ीवाला ने बताया कि जैमस्टोन की बात होते ही दुनिया में जयपुर का नाम आना चाहिए, जैसे सोने के लिए दुबई का नाम आता है। जयपुर की चारदीवारी में आज भी बड़ी संख्या में परिवार पीढ़ियों से जैमस्टोन की कटिंग और पॉलिशिंग से जुड़े हैं। दुनिया के रंगीन रत्न कारोबार में जयपुर की खास पहचान है। अंतरराष्ट्रीय खरीदार जयपुर से रत्न खरीदना पसंद करते हैं। जयपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैब्स होने से रत्नों की गुणवत्ता और वैधता की जांच होती है।
महापौर सुनील कोठारी ने कहा कि जयपुर को बैंकॉक और हांगकांग जैसे शहरों के बीच अपनी मजबूत पहचान कायम करनी होगी। जयपुर से 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक के जैमस्टोन का निर्यात किया जाता है। घरेलू बाजार में होने वाला कारोबार इससे अलग है। सोने की बढ़ती कीमतों के कारण जैमस्टोन ज्वेलरी की मांग में भी बढ़ोतरी हो रही है।
मंगौड़ीवाला ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ का फिलहाल कारोबार पर कोई खास प्रभाव नहीं है। उनका कहना है कि टैरिफ बढ़ने पर इसका असर खरीदार और निर्माता दोनों पर पड़ेगा। प्रसिद्ध एस्ट्रोलॉजर सुरभी गुप्ता ने कहा कि असली रंगीन रत्नों के लिए जयपुर की विश्वसनीयता दुनिया में बनी हुई है। उनके अनुसार, जैमस्टोन राशि के हिसाब से पहने जाते हैं। परन्तु जब ये ज्वेलरी में इस्तेमाल होते हैं, तो कोई भी बिना राशि का आकलन किए इसे पहन सकता है।