राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति उमाशंकर व्यास ने दौसा में कहा कि हम सबका प्रयास है कि सस्ता और सुलभ न्याय मिले। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। न्यायिक अधिकारी भी अतिरिक्त समय देकर टारगेटेड मामलों को निपटा रहे हैं। लेकिन, यह अधिक समय तक करना उचित नहीं है। ऐसा करने से न्यायिक अधिकारियों की व्यक्तिगत जिंदगी विपरीत तरीके से प्रभावित हो सकती है। इसके समाधान के लिए बार और बेंच दोनों के बीच तालमेल बैठाकर काम करना होगा।
न्यायाधिपति उमाशंकर व्यास ने यह बातें शनिवार को दौसा जिला अभिभाषक संघ के कोर्ट परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कहीं। इस दौरान उन्होंने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के समन्वय से मुवक्किलों को लाभ मिलता है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दोनों को मिलकर कार्य करना चाहिए।
जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष कुंजबिहारी शर्मा ने स्वागत भाषण में वकीलों के हित में कार्य करने की बात कही। संघ के सचिव विजेंद्र सिंह चेची ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार सहित जिला मुख्यालय के समस्त न्यायिक अधिकारी एवं वकील मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित किया।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्य
अध्यक्ष - कुंजबिहारी शर्मा
सचिव - विजेंद्र सिंह चेची
कोषाध्यक्ष - मनोहर मुद्गल
वरिष्ठ उपाध्यक्ष - रविंद्र सिंह बैंसला
उपाध्यक्ष - श्रीराम मीना
संयुक्त सचिव - अंकित शर्मा
पुस्तकालय सचिव - निखिल मोहन शर्मा
सांस्कृतिक सचिव - राजेंद्र अन्दाना
कार्यकारिणी सदस्य - जितेंद्र कुमार गंगावत, हनीस अली, राजेंद्र प्रसाद जागिंड, सीताराम दायमा, बादल सिंह बैरवा, महेंद्र कुमार सैन, महेश कुमार जागिंड