अलवर जिला अस्पताल में नशे में धुत एक युवक बंदर के बच्चे को गले में चेन डालकर इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल में इस तरह बंदर लेकर पहुंचने वहां भीड़ इकट्ठा हो गई। दरअसल रिक्शा चालक गोलू कंपनी बाग के पास लेटा हुआ था, तभी एक बंदर के बच्चे ने उसे काट लिया। गुस्से में आकर गोलू ने बंदर के बच्चे को पकड़ लिया और उसके गले में चेन डाल दी। इसके बाद वह नशे की हालत में जिला अस्पताल पहुंचा और इंजेक्शन लगवाने की मांग करने लगा।
इधर अस्पताल में मौजूद लोगों ने बंदर के बच्चे को चेन में जकड़ा देखा तो युवक को ऐसा करने से मना किया लेकिन नशे में धुत गोलू ने इस पर हंगामा मचाना शुरू कर दिया, जिससे बंदर का बच्चा और ज्यादा घबरा गया।
हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी के कांस्टेबल संजय मौके पर पहुंचे। उन्होंने गोलू को समझाकर बंदर के बच्चे को चेन से मुक्त कराने की कोशिश की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। काफी समझाने-बुझाने के बाद गोलू ने बंदर के बच्चे को आजाद किया, जिसके बाद उसे पशु चिकित्सालय भेजा गया।
गोलू ने बताया कि वह रिक्शा चलाकर गुजारा करता है और फुटपाथ पर ही सोता है। उसका कोई घर नहीं है और वह अकेला ही रहता है। घटना के समय भी वह कंपनी बाग में लेटा हुआ था, तभी बंदर के बच्चे ने उसे काट लिया और उसके पास ही बैठा रहा। गुस्से और नशे में धुत गोलू ने बंदर के बच्चे को पकड़कर गले में चेन डाल दी और उसे लेकर अस्पताल पहुंच गया।