लुधियाना के गांव हेरां में बुधवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के बीचों-बीच लगा बिजली का ट्रांसफार्मर अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर आग का गोला बन गया। आसमान तक उठती ऊंची लपटों और काले धुएं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी, जिससे ग्रामीण अपने परिवारों सहित घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रांसफार्मर में धमाके की आशंका के चलते लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि जगराओं और मुल्लांपुर दाखा से दमकल की गाड़ियां करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। इस देरी को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। दमकल विभाग के पहुंचने से पहले गांव के युवाओं ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने स्तर पर आग पर काबू पाने की कोशिश की, ताकि आग आसपास के मकानों तक न फैले और कोई बड़ा हादसा न हो। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत अभियान शुरू किया और रात करीब 12 बजे के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग लगने से ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उमस भरी गर्मी के बीच ग्रामीणों को पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ी। हालांकि इस हादसे में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो आग पर पहले ही काबू पाया जा सकता था और नुकसान भी कम होता। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना की जांच कराने, फायर ब्रिगेड की देरी की जिम्मेदारी तय करने तथा भविष्य में आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।