संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। अपनी मांगों को लेकर मनरेगा मजदूरों ने लामबंद होते हुए रायकोट की अनाज मंडी में जमावड़ा करके शहर में जोरदार मार्च किया और केंद्र एवं पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मजदूर नेता परमजीत कौर नत्थोवाल लखवीर कौर हेरां गुरमीत कौर ढट्ट और बिहार सिंह चक्क भाईका की अगुवाई में मनरेगा मजदूरों ने अपनी मांगे मनवाने को लेकर संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी।
भाई लालो लोक मंच पंजाब के महासचिव पूर्व विधायक तरसेम जोधां, सुरिंदर खीवा और केवल सिंह हजारा ने प्रदर्शन करने वाले मजदूरों को संबोधन करते हुए सरकार से मांग उठाई कि मनरेगा के कामों को गली नालियों या छप्पड़ों की सफाई तक सीमित रखने के बजाय पांच एकड़ तक खेती काम में लागू किया जाए। ऐसा करने से किसान मजदूर एकता कायम रखी जा सकती है।
मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि बंगाल में मनरेगा फंडस में भ्रष्टाचार के चलते केंद्र सरकार तीन साल से मनरेगा फंड जारी नहीं कर रही,जिसका खामियाजा मजदूर जमात भुगत रही है। आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने की जगह मजदूरों को फाके काटने को विवश कर दिया गया है | मजदूर नेता चरणजीत सिंह हिमायुपुरा और डॉ प्रकाश सिंह बरमी ने पंजाब में नई पंचायतों की ओर से मनरेगा मेट को जबरी हटाए जाने के आरोप लगाए। उन्होंने मनरेगा मजदूरों की देहाड़ी 700 रुपये करने, काम की पैमाइश बंद करने, पूरे वर्ष काम देने, मेट की पगार 15 हजार प्रति माह देने और कच्चे रास्तों एवं बर्मा के काम बहाल करने की मांग की। इसके अलावा सड़क रेल और इमारतों के निर्माण में भी मनरेगा मजदूरों को काम देने की वकालत की। प्रदर्शन के दौरान एपीओ रायकोट के माध्यम से सरकार के नाम मांग पत्र भी भेजा गया।