कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज, नीट और पेपर लीक विवाद, बरगाड़ी बेअदबी मामले, हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद और पंजाब कांग्रेस की स्थिति को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। सीजेपी प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर परगट सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार संवाद के बजाय लाठीचार्ज का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों से देश का युवा मानसिक तनाव झेल रहा है। पंजाब में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के कथित पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भी शिक्षा व्यवस्था को संभालने में विफल रही है। वहीं खन्ना में मजदूरों पर हुई कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि सरकारें लोगों की समस्याएं सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के "अनशन नहीं, संवाद होना चाहिए" वाले बयान पर परगट सिंह ने कहा कि जब सरकार लोगों की बात ही नहीं सुनती, तब आंदोलन और धरने की नौबत आती है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार संवाद में विश्वास करती तो किसानों को लंबे आंदोलन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। बरगाड़ी बेअदबी मामले में सुखबीर सिंह बादल को एसआईटी द्वारा तलब किए जाने पर उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि बेअदबी से जुड़े कानून में संशोधन से पहले सिख बुद्धिजीवियों और सभी राजनीतिक दलों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद पर उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने चाहिए और आम जनता पर नए टैक्स का बोझ नहीं डालना चाहिए। वहीं पंजाब कांग्रेस की दिल्ली बैठक पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और कांग्रेस अपने सभी मुद्दों का समाधान खुद कर लेगी।