पेपर लीक मामले में इंसाफ व मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में अपने भविष्य की खातिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज तथा पंजाब में सफाई सेवकों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जगराओं के तहसील चौक में धरना देकर केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला कांग्रेस प्रधान मेजर सिंह की अगुवाई में आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री के पुतले भी फूंके गए। जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने दिल्ली और पंजाब की घटनाओं के विरोध में लुधियाना जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों—जगराओं, दाखा, गिल, रायकोट और साहनेवाल—के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया था। हालांकि पांच में से केवल तीन विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी ही धरने में पहुंचे। जगराओं से पूर्व विधायक जगतार सिंह जग्गा, साहनेवाल से विक्रम बाजवा और गिल से कुलदीप बैद मौजूद रहे, जबकि दाखा से कैप्टन संदीप संधू और रायकोट से कमल अमर सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। धरने में कार्यकर्ताओं की अपेक्षा नेताओं की संख्या अधिक दिखाई दी, जिससे कांग्रेस संगठन की अंदरूनी स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज रहीं। शहर में यह चर्चा भी रही कि यह प्रदर्शन पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग समर्थक गुट की ओर से आयोजित किया गया था, जबकि दूसरे गुट के कई नेता और कार्यकर्ता नजर नहीं आए। कम भीड़ को देखते हुए नेताओं ने करीब आधे घंटे के भीतर ही कार्यक्रम समाप्त करते हुए दोनों सरकारों के पुतले फूंक दिए। धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक जगतार सिंह जग्गा ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सफाई सेवकों पर लाठियां चलाकर सरकार ने कर्मचारियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आएंगे तो जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध करते हुए कहा कि युवा अपने भविष्य के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन जब भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो जाते हैं तो उन्हें न्याय मिलने के बजाय लाठियां मिलती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।