श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह ने सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सम्मानित पद पर रहते हुए सिख संगत के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना किसी भी तरह से जायज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साका ननकाना साहिब से संबंधित क्षतिग्रस्त पावन स्वरूप की सेवा सिख मर्यादा के अनुरूप पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ करवाई जा रही है। बाढ़ के कारण पावन स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा था, जिसके संरक्षण के लिए संबंधित सिख संस्था ने जिम्मेदारी निभाते हुए सेवा का निर्णय लिया। सेवा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन भी किए। पावन शस्त्रों के संबंध में उन्होंने बताया कि जून 1984 के सैन्य हमले में इन शस्त्रों को क्षति पहुंची थी। विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक मरम्मत करवाई गई। यह कार सेवा हजूर साहिब के बाबा बलविंदर सिंह और बाबा नरेंद्र सिंह को सौंपी गई थी, जिन्होंने पारंपरिक स्वरूप और सम्मान को बनाए रखते हुए कार्य संपन्न कराया। ज्ञानी गुरमुख सिंह ने कहा कि कर्पाण के मूठ को लेकर उठाए गए सवाल निराधार हैं। उन्होंने संगत से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और सिख परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखें।