दुकान और जमीन के विवाद में लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए एक परिवार सोमवार को भंडारी पुल पर पहुंच गया। परिवार के सदस्यों ने खुद पर तेल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर परिवार से तेल छीन लिया और उन्हें आत्मदाह करने से रोक दिया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने परिवार की शिकायत सुनी और मामले की जांच का भरोसा दिया। परिवार के मुताबिक विवाद कोट बाबा दीप सिंह इलाके की छज्जू मल्ल गली में करीब 10×8 फीट की दुकान और उससे जुड़ी जमीन को लेकर है। परिवार का दावा है कि यह विवाद करीब आठ साल से चल रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि वह कई बार पुलिस थाने के चक्कर लगा चुकी है, लेकिन उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बॉक्स 2009 में दुकान खरीदने का दावा: परिवार के एक सदस्य का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2009 में यह दुकान अपने परिवार से खरीदी थी और दुकान उनके नाम पर रजिस्टर्ड है। वहीं महिला ने आरोप लगाया कि उसने जमीन की बाकायदा रजिस्ट्री अपने भतीजे दिनेश से करवाई थी और सरकारी फीस भी जमा की थी। दोनों पक्षों के दावों के चलते दुकान और जमीन का विवाद लगातार बना हुआ है। महिला का आरोप है कि रमेश, दिनेश और बंटी नामक लोग दुकान खाली करने के लिए उन्हें धमकाते रहे हैं। परिवार का यह भी आरोप है कि उसके बेटे के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाकर उसे रात करीब साढ़े नौ बजे घर से ले जाया गया और बाद में जेल भेज दिया गया। महिला के मुताबिक बेटे को छुड़ाने के लिए ही वह लखनऊ से वापस आई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पिछले कई महीनों से वह पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर रहा है, लेकिन मामले का समाधान नहीं हुआ। इसी से परेशान होकर परिवार ने भंडारी पुल पर आत्मदाह की कोशिश का कदम उठाया। हालांकि मौके पर पुलिस ने स्थिति संभालते हुए परिवार को रोक लिया। बाद में अधिकारियों ने उनकी शिकायत सुनी और पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। अब पुलिस जांच में दुकान-जमीन के दस्तावेज, रजिस्ट्री और दोनों पक्षों के दावों की जांच अहम होगी।