मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन विस्तार के बाद अब राष्ट्रीय नेतृत्व के सख्त निर्देशों से हलचल मच गई है। जिला कार्यकारिणी को छोटा और प्रभावी रखने का आदेश दिया है। बड़े जिलों में 55 और छोटे जिलों में 35 सदस्यों की सीमा तय की गई है। तीन जिलों में तय सीमा से ज्यादा पदाधिकारी बनाए जा चुके हैं।