इंदौर शहर जो स्वच्छता में आसमान छू रहा है, वहां के कई रहवासी क्षेत्रों में नलों से आने वाला दूषित पानी लोगों के लिए काल बन गया है। विशेषकर भागीरथपुरा के बाद यह मामला चर्चा में आया और अब विभिन्न क्षेत्रों के लोग दूषित पानी की समस्याओं पर खुलकर बोल रहे हैं। एयरपोर्ट के पास बनी नगर निगम की नैनोद मल्टी में लगभग पांच हजार लोग रहते हैं। यह लोग पिछले 10 से 15 साल से गंदगी और विभिन्न समस्याओं से जूझते हुए जीवन गुजार रहे हैं। यहां पीने के पानी की लाइनें सीवेज में से गुजरती हैं और पानी में भी सीवेज मिला आता है। कई जगह सीवेज और गंदगी इतनी अधिक है कि सांस लेना भी मुश्किल है। इतने बदतर हालातों में यहां के लोग जीवन गुजारने को मजबूर हैं।