बदरीनाथ धाम के कपाट आज दोपहर 2:56 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी में रावल अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रस्में निभाईं और मंदिर के कपाट औपचारिक रूप से बंद किए। कपाट बंद होने से पहले, मंदिर को 12 कुंतल फूलों से सजाया गया था। परंपरा के अनुसार, उद्धव और कुबेर की मूर्तियों को गर्भगृह से बाहर लाया गया, जबकि देवी लक्ष्मी को अंदर विराजमान किया गया।