शिवसेना का नाम और चुनाव निशान हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके गुट के नेता आक्रामक हैं। मुख्यमंत्री शिंदे ने शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर उद्धव ठाकरे को चौतरफा घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी सियासी साख बचाने के लिए जमीन पर उतरने का फैसला किया है।