जिले में शुक्रवार की रात 67 क्विंटल नकली मावा पकड़ा है, इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि किस तरह से जिले में नकली मावे की खपत हो रही है। कल रात ऐसे ही विदिशा जिले के गंजबासौदा में नकली मावे की गोदाम पर छापामार कर प्रशासन ने 67 क्विंटल 82 किलो नकली मावा और मिठाइयां बरामद की है।
कार्रवाई में एसडीएम विजय राय, एसडीओपी मनोज मिश्रा टीआई संजीव चौकसे, नगर पालिका की टीम खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद कार्रवाई में लगभग 67 क्विंटल से ज्यादा मावा एवं बनी हुई मिठाई हुई जब्त की गई। जब प्रशासन की टीम कार्रवाई करने पहुंची तो मकान मालिक ताला खोलने तैयार नहीं था। बड़ी मुश्किल से ताला खुलवाया गया, ताला खोलने के बाद अंदर से एक और गेट लगा हुआ था, जो काफी देर तक नहीं खोला जा सका, प्रशासन ने जब गेट खोले तो अधिकारियों के होश उड़ गए।
इतनी बड़ी मात्रा में यह मावा आखिर आया तो आया कहां से मावा के नाम से शहर को दीपावली की मिठाई में जहर परोसा जा जाने की पूरी तैयारी थी। आसपास के लोगों को भी इतने बड़े नकली मावा रखे होने की भनक तक नहीं लगी। मौके पर करीब 50 से 60 बड़े-बड़े डी फ्रीजर जिसमें मावा और पनीर रखा हुआ था। एसडीएम विजय राय ने बोरिया खोल कर देखी तो जांच पड़ताल में एक घर में 67 क्विंटल से अधिक मावा, पनीर एवं अन्य दुग्ध सामग्री की पुष्टि की गई।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि त्योहारों पर समय पर बड़े माफिया मावे के मामले में सक्रिय रहते हैं। यही कारण है कि नकली मावा पकड़ा जा रहा है। इस साल बड़े पैमाने पर अमानक स्तर के मावा पकड़ा गया है, जिसकी जांच चल रही है। नकली मावे की साथ बाजार में नमकीन भी बेचा जा रहा है। नकली मावा के अलावा नकली नमकीन भी बाजार में बेचा जा रहा है। अगर आपको खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांच करना है तो इसके लिए आयोडीन टीचर नामक केमिकल का उपयोग किया जाता है। इस केमिकल की चार बूंद मावे के नमूने पर डालें और मिनरल वाटर मिलाने पर बैंगनी रंग होता है। यह असली मावा की पहचान है, वही अगर काला रंग आए तो नकली मावा है।