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Ujjain News: चरक अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन खत्म, उपचार कराने के लिए पहुंच रहे मरीज खुद खरीदकर ला रहे

Sun, 06 Apr 2025 09:45 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

कुत्ते के काटने पर घायल को रैबीज के इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है। उज्जैन के चरक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20-25 मरीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं, लेकिन पिछले चार दिनों से अस्पताल में इंजेक्शन का स्टॉक खत्म हो गया है। स्थिति यह है कि घायलों को परिजन मेडिकल स्टोर से महंगे दामों में इंजेक्शन खरीदकर लगवा रहे हैं।

शासन द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में रैबीज के इंजेक्शन सहित अन्य दवाओं की मांग के अनुसार आपूर्ति की जाती है। इन्हें सीएमएचओ स्टोर और सिविल सर्जन (सीएस) स्टोर में रखा जाता है। सीएमएचओ कार्यालय से दवाओं का वितरण जिला स्तर पर होता है, जबकि सीएस स्टोर से जिला अस्पताल में आपूर्ति की जाती है। वर्तमान में सीएस स्टोर में रैबीज इंजेक्शन का स्टॉक खत्म हो चुका है। सीएस स्टोर प्रभारी योगेश राय प्रजापति ने बताया कि जिला चिकित्सालय में रैबीज इंजेक्शन खत्म होने के बाद अब तक चार बार पत्र लिख चुके हैं। दो दिन पहले भी डिमांड का पत्र भेजा गया था। लेकिन, अब तक इंजेक्शन नहीं आए हैं।

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अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचे रोहित जसोदिया निवासी पीपलीनाका ने बताया कि उन्हें पांच दिन पहले स्ट्रीट डॉग ने काटा था। पहला डोज मेडिकल से इंजेक्शन खरीदकर लगवाया। दूसरे डोज के लिए आए तो फिर से इंजेक्शन खरीदकर लाने के लिए कहा गया है। वहीं, महेश बाथम ने बताया कि रात में घर लौटते समय स्ट्रीट डॉग ने काट लिया था। सुबह चरक अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए तो मेडम ने कहा कि इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं, बाजार से खरीदकर लाओ। इसके बाद उसने  400 रुपए देकर मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदा और फिर लगवाया।

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शुरुआती दौर में तीन बार लगवाने पड़ते हैं रैबीज के इंजेक्शन
कुत्ते के काटने पर घायल को पहले डोज के बाद सात दिन के अंतराल में कम से कम तीन बार रैबीज के इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य होता है। चरक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20-25 मरीज पहला डोज लगवाने आते हैं। इनके अलावा दूसरा और तीसरा डोज लगवाने वालों की संख्या भी लगभग इतनी ही होती है। ऐसे में अस्पताल में इंजेक्शन नहीं होने के कारण घायलों को परेशानी हो रही है।

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