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Ujjain: कपूर आरती के बाद झांझ-मंजीरे व ढोल-नगाड़ों की रही गूंज, दिव्य रूप में बाबा श्री महाकाल ने दिए दर्शन

Tue, 07 Jul 2026 07:36 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मंगलवार सुबह विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु देर रात से ही कतारों में लगकर अपने आराध्य भगवान महाकाल के दर्शन के लिए प्रतीक्षा करते रहे। प्रातः चार बजे मंदिर के पट खुलने के साथ बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार किया गया और विधि-विधान से भस्म अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर "जय श्री महाकाल" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मंगलवार सुबह चार बजे भस्म आरती संपन्न हुई। वीरभद्र जी से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के पट खोले गए। इसके पश्चात पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत तथा फलों के रस से अभिषेक किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटानाद के साथ भगवान को हरि-ओम जल अर्पित किया गया। इसके बाद पुजारियों और पुरोहितों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया तथा कपूर आरती के उपरांत उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया। फिर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग पर पवित्र भस्म अर्पित की गई। इसके बाद झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती संपन्न हुई। आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल का अलंकरण त्रिपुंड, चंद्रमा और बेलपत्र से किया गया। इस दिव्य एवं अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे मंदिर परिसर में "जय श्री महाकाल" के जयघोष गूंजते रहे। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।

ये भी पढ़ें- लोकायुक्त कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा: रिश्वतखोर डॉक्टर तीन जिलों में एक साथ था पदस्थ, अब खरगोन में मिला यह है आरती का समय - भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक
- दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
- भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
- संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
- संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे
- शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर मे आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।    

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