पुलिस की गिरफ्त में आरोपी युवती।
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सीधी जिला अपने नाम की तरह बिल्कुल भी सीधा नहीं है। यहां ऐसे करनामे होते हैं, जिसकी वजह से यह हमेशा से सुर्खियों में बन जाता है। यहां एक महिला ने खुद को सीधी जिले के जमोड़ी थाने की एसआई बताकर एक महिला को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देते हुए उससे 70 हजार रुपये ठग लिए। महिला पहले तो सरकारी नौकरी मिलने का इंतजार करती रही थी, लेकिन जब उसे नौकरी नहीं मिली और शंका हुई। तब उसने मामले की शिकायत सिटी कोतवाली में की। शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने महिला के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
ठगी की शिकार महिला जमोड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम तेंदुआ की रहने वाली शांति साकेत है। महिला से उसकी मुलाकात बीते 8 जुलाई को शहर के गांधी चौक में हुई थी। बात ही बात में उसने पूछा था कि क्या तुम झाड़ू पोछा का काम कर लेती हो क्या, जब उसने हां कहां तो, कहने लगी तुम्हे इस काम की सरकारी नौकरी दिला दूंगी। शांति उसकी बातों में आ गई और उसके साथ शहर स्थित उसके किराये के मकान में चली गई। वहां महिला ने उसे अपना नाम अनारकली उर्फ रेखा साकेत बताते हुए कहा कि मैं थाना जमोड़ी मे थानेदार हूं। वहां पर एक सफाई कर्मचारी महिला रिटायर होने वाली है। उसकी जगह मैं तुमको नौकरी दिलवा दूंगी। इसके लिए तुम्हें 70 हजार रुपये देने पड़ेंगे। महिला उकसी बातों में आ गई और उसने सरकारी नौकरी के लालच पर रुपये दे दिए।
थाना प्रभारी कोतवाली अभिषेक उपाध्याय ने बताया है कि तेंदुआ निवासी महिला शांति साकेत की शिकायत पर दबिश देते हुए नकली सब इंस्पेक्टर बनकर ठगी करने वाली महिला रेखा साकेत उर्फ अनारकली को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से थानेदार की वर्दी एवं अन्य सामग्री भी मिली है। महिला के विरूद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।