शहडोल जिले के ब्यौहारी की मेरटोला ग्राम पंचायत में रहने वाले ग्रामीण पिछले 25 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं। इन ग्रामीणों को झिरिया का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गांव के निवासी अनिल पांडे ने कहा, हमारे पास पीने के लिए साफ पानी नहीं है, ऐसे में हमें मजबूरी में झिरिया का पानी पीना पड़ रहा है। इसे लेकर हमनें कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बात की है, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। यह समस्या केवल ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली को भी प्रभावित कर रही है।"
गांव में पानी की गंभीर स्थिति के बाद भी स्थानीय प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है इससे ग्रामीणों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है। पिछले एक दशक में अनेक बार ग्रामीणों ने आवाज उठाई है, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। गांव की सरपंच सरिता देवी ने भी चिंता जताते हुए कहा कि हमारे गांव की हालत को देखकर लगता है कि सरकार ने हमारी समस्याओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है।
इस मुद्दे पर अमर उजाला के प्रतिनिध ने जनपद सीईओ ब्यौहारी विजय सिंह से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा- हम जल्द ही अपनी टीम के साथ मौके पर जाएंगे और स्थिति का निरीक्षण करेंगे। हमारी प्राथमिकता है कि ग्रामीणों को जल्द से जल्द पानी की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
बच्चे हो रहे बीमार
झिरिया का पानी पीने से ग्रामीणों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। गांव की महिला मीरा बाई ने बताया, हमारे बच्चों को अक्सर पानी से संबंधित बीमारियां हो रही हैं। जब तक हमें साफ पानी नहीं मिलेगा, तब तक हम इन समस्याओं से नहीं उबर सकेंगे। यहां के निवासियों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द उन्हें जल संकट से छुटकारा दिलाए।