शहडोल जिले में एक महिला के साथ सड़क किनारे मारपीट और छेड़खानी के मामले में कोतवाली पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों में भाजपा के वरिष्ठ नेता का बेटा भी शामिल है। रामा बाई क्रिश्चियन अस्पताल कैंपस में रहने वाली शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि उनके पति रामा बाई अस्पताल में लैब में कार्यरत थे।
महिला ने बताया कि 6 जनवरी की रात करीब 9 बजे वह मेवाड़ अस्पताल के पास स्थित एक किराना दुकान में सामान खरीदने गई थीं। दुकान से वापस अपने कमरे की ओर लौटते समय, अस्पताल की बिल्डिंग के पास रास्ते में शिल्पा तांडी, ऐरोन तांडी और केके तांडी डंडे लेकर खड़े थे। तीनों ने उसे रास्ते में रोक लिया। इस दौरान, अमित उर्फ गोल्डी दुबे, गोलू बिहारी, गोपाल सिंह और तीन अन्य लोग काले रंग की कार (क्रमांक एमपी 18 जेडसी 7001) में आए।
इस दौरान पुरानी रंजिश को लेकर शिल्पा तांडी और गोल्डी दुबे ने उसे गालियां दीं। इस बीच गोल्डी दुबे, ऐरोन तांडी और केके तांडी उसकी चोटी पकड़कर उसे घसीटते हुए जबरन घर की ओर ले जाने लगे। उसके चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर अस्पताल कैंपस में मौजूद गार्ड अरुण यादव, शिवम सरोज, सुरेश वैश्य और चंद्रप्रकाश यादव मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे। लेकिन, आरोपियों ने डंडे, लात और घूंसों से उन पर भी हमला कर दिया। इससे अरुण यादव के बाएं हाथ की अंगुली और दोनों कनपटियों पर चोट आई, शिवम सरोज को दाहिनी हथेली, बाईं गर्दन और सिर पर चोटें आईं। वहीं, मारपीट और घसीटने के कारण उसे बाएं कंधे, दाहिनी हथेली और सिर पर चोट आई है।
जान से मारने की धमकी
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें और बचाव करने वालों को धमकी दी कि अगर वे अस्पताल कैंपस से नहीं हटे, तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने कहा कि शिल्पा तांडी अक्सर अस्पताल कैंपस में रहने वालों के साथ झगड़ा करती हैं। उन्होंने रंजिश के चलते गोल्डी दुबे, गोलू बिहारी, गोपाल सिंह और अन्य तीन लोगों को पैसे देकर बुलाया और अपने पति केके तांडी व बेटे ऐरोन तांडी के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की। महिला ने अरुण यादव, शिवम सरोज और चंद्रप्रकाश यादव के साथ कोतवाली जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।