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गोवंशों की दावत: यहां फसल चरने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं किसान, जानें 400 वर्ष पुरानी इस परंपरा के मायने

Tue, 31 Dec 2024 10:56 AM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ऐसी परंपरा है, जिसमें गोवंशों को खुली दावत दी जाती है। यहां एक दिन के लिए किसान अपनी फसल में गोवंश को खुला छोड़ देते हैं। ये परंपरा 400 वर्ष से ज्यादा समय से चली आ रही है। 

वैसे तो किसान पशुओं से अपनी फसल की सुरक्षा के लिए न जाने क्या-क्या उपाय करते रहते हैं। खेत में अगर धोखे से किसी का पशु आ जाए तो लड़ाई हो जाती है। वहीं एक दिन ऐसा भी होता है, जब यही किसान अपने खेत में चराने के लिए पशुओं को ढूंढते हैं। हम आपको ऐसे ही एक गांव की करीब 400 साल पुरानी परंपरा के बारे में बता रहे हैं, जिसमें किसान अपने गांव के सभी पशुओं को फसलों में छोड़ देते हैं और दिनभर वह फसलों में चरते रहते हैं।



सागर जिले के राहतगढ़ से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्राम रजौली में इस परंपरा को मनाया जाता है। पौष माह में पढ़ने वाली सोमवती अमावस्या के दिन सभी ग्रामीण अपने-अपने गौ वंशों को गांव के खेतों में दिनभर चरने के लिए छोड़ देते हैं। यह नजारा देखने के लिए गांव सहित आसपास के सैकड़ों लोग आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 400 वर्ष से भी ज्यादा पहले गांव के बुजुर्ग दादू मर्दन सिंह लोधी ने यह परंपरा शुरू की थी। इसे आज तक निभाया जा रहा है। ऐसा करने से हमें खुशी मिलती है। ग्रामीणों का मानना है कि गाय फसलों में अपना पैर रख देती हैं और हमारे खेत में भोजन कर लेती है तो खेत में फसल बहुत ज्यादा होती है।

रजौली गांव की इस अनोखी परंपरा सभी के लिए उदाहरण है। पशु किसानों के साथी हैं। इनका भरण पोषण करना सब की जिम्मेदारी है।

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