खरगोन में नगर पालिका के ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरे के विशाल ढेर में लगी आग ने रविवार को पूरे क्षेत्र को धुएं के गुबार में बदल दिया। प्लास्टिक और सड़े-गले कचरे के जलने से उठे जहरीले धुएं ने आधे शहर और आसपास के गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। हालात इतने खराब हो गए कि कई इलाकों में लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो गया। बदबूदार धुएं से परेशान लोग घरों से निकलते समय मुंह पर कपड़ा बांधने को मजबूर नजर आए।
बताया जा रहा है कि ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरे के ढेर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और कचरे में सुलगती आग से लगातार धुआं निकलता रहा। रात तक धुएं का गुबार आसमान में छाया रहा और आसपास के गांवों में कोहरे जैसी स्थिति बन गई।
गोपालपुरा के किसान संतोषचंद मुकाती ने बताया कि दोपहर में खेत पर जाने के दौरान दूर से ऊंची-ऊंची लपटें दिखाई दीं। पहले लगा कि किसी किसान का गेहूं का खेत जल रहा होगा, लेकिन बाद में पता चला कि नगर पालिका के ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरे में आग लगी है। उन्होंने कहा कि सुबह होते-होते पूरा गांव धुएं से ढक गया। धुएं में प्लास्टिक और सड़े कचरे की इतनी तेज बदबू थी कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार को दोपहर में आग लगने के बावजूद देर रात तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार कई घंटों तक धुआं फैलने से लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। खासकर रमजान के महीने में रोजा रख रहे मुस्लिम परिवारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने देर रात गोपालपुरा के पास चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीण मनोज कुमार हम्मड ने बताया कि सुबह से ही क्षेत्र में सांस लेना मुश्किल हो गया था। शाम करीब 8 बजे के बाद फिर से धुआं तेज हो गया और स्थिति और गंभीर हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े पैमाने पर आग लगने के बावजूद मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था और सिर्फ एक फायर ब्रिगेड आग बुझाने का प्रयास करती रही।
नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते ने कहा कि गर्मी के मौसम में कचरे के ढेर में बनने वाली मीथेन गैस के कारण कई बार अपने आप आग लग जाती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कचरे के ढेरों के बीच गड्ढे खोदकर मिट्टी भरने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही बड़ी कचरा सेग्रीगेशन मशीन लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।
वहीं एसडीओपी रोहित लखारे ने बताया कि अज्ञात कारणों से कचरे में आग लगी थी। धुएं से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने के कारण ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी। आग बुझाने के लिए दो फायर ब्रिगेड लगातार प्रयास कर रही हैं और आसपास के क्षेत्रों से भी अतिरिक्त फायर ब्रिगेड बुलाने की व्यवस्था की जा रही है।