मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल की नवग्रहों की नगरी के नाम से प्रसिद्ध खरगोन नगर का गौरव दिवस मंगलवार को भगवान सूर्य की अगुवानी के पर्व मकर संक्राति से शुरु हुआ। इन दौरान सुबह के समय जहां नवग्रहों के पूजन-दर्शन के बाद इस उत्सव की शुरुआत हुई, तो वहीं शाम के समय स्थानीय श्रीराम धर्मशाला परिसर से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी भी शामिल हुए। वहीं इस विशाल शोभायात्रा में अघोरी दल का नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे उपस्थित दर्शकों ने भी जमकर सराहा।
इसके साथ ही इस अवसर पर एक सुसज्जित बग्घी में निमाड़ के प्रसिद्ध ब्रह्मलीन संतश्री सियाराम बाबा का चित्र स्थापित किया गया था। यह शोभायात्रा शहर में भ्रमण करते हुए मुख्य आयोजन स्थल कुंदा नदी के तट पर पहुंची। इस बीच नगर गौरव दिवस के दो दिवसीय आयोजनों को लेकर कुंदा नदी के तट को भव्य तरीके से सजाया गया था। जहां रात के समय यहां के घाट दूधिया रोशनी से सराबोर हो रहे हैं। इधर खरगोन जिले के गौरव दिवस को लेकर कुंदा नदी में लगाए गए फव्वारे भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यही नहीं, इस दौरान देर शाम करीब 7 बजे कुन्दा नदी किनारे, गणेश मंदिर के सामने दीपदान एवं महाआरती के साथ ही साथ भव्य एवं रंगारंग आकर्षक आतिशबाजी भी की गई। जिसके बाद नगर के गौरव दिवस को लेकर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
इधर मकर संक्राति पर्व के चलते मंगलवार को शहर के प्राचीन नवग्रह मंदिर में सूर्योदय से पहले ही भक्तों की भीड़ जमा हो गई थी। इस दौरान श्रदालु दान पूण्य भी कर रहे थे। वहीं दान पुण्य का भी मकर संक्राति पर विशेष महत्व रहता है। संक्रांति पर प्राचीन नवग्रह मंदिर में सुबह से लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान नवग्रह मंदिर पर मकर सक्रांति से एक माह का मेला भी लगता है। बता दें कि, नवग्रह मंदिर के चलते ही प्रदेश ही नहीं देश में खरगोन की पहचान नवग्रह की नगरी के रूप में है। इधर खरगोन जिले के महेश्वर में भी मां नर्मदा में लोगों ने मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी लगाई। प्रयागराज कुंभ में जहां शाही स्नान किया जा रहा था तो वहीं उसी समय खरगोन जिले के महेश्वर में भी, उसी की तर्ज मकर संक्रांति पर नर्मदा नदी में लोग आस्था की डुबकी लगा रहे थे।