दमोह-जबलपुर मार्ग पर नोहटा थाना क्षेत्र के सड़क हरदुआ गांव के बच्चों ने बस चालकों की मनमानी से आक्रोशित होकर सोमवार दोपहर सड़क पर जाम लगा दिया और जमकर प्रदर्शन किया। बच्चों ने अपने स्कूली बैग दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे मुख्य मार्ग पर रख दिए। जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
इन स्कूली बच्चों का कहना था कि वह अपने गांव सड़क हरदुआ से प्रतिदिन दिन नोहटा और जबेरा स्कूल में पढ़ने के लिए जाते हैं। आवागमन के लिए बस ही एक माध्यम है। वह बसों में आने-जाने का किराया भी देते हैं, लेकिन छोटी दूरी के कारण बस चालक उन्हें अपनी बसों में नहीं बिठाते। प्रयास करने के बाद भी बस चालक बसों को नहीं रोकते हैं। कई दिनों से वह परेशान थे, इसलिए सड़क पर अपने बैग रखकर यह विरोध का तरीका चुना। बच्चों के साथ उनके परिजन भी थे जो बस चालकों द्वारा किए जा रहे इस बर्ताव को लेकर आक्रोशित थे।
विरोध प्रदर्शन के कारण करीब आधे घंटे तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। इसके बाद किसी ने नोहटा पुलिस को सूचना दी। डायल हंड्रेड भी मौके पर पहुंची। बस चालकों से ग्रामीणों ने बात की तो बस चालक कहने लगे कि वह हमेशा बस रोकते हैं, बच्चों को कोई गलतफहमी हुई है, लेकिन बच्चों ने कहा बस चालक झूठ बोल रहे। इसके बाद पुलिस भी पहुंची।
पुलिस ने बस चालकों को समझाइश दी कि बच्चों को बस में आवागमन न कराने जैसी कोई शिकायत दोबारा नहीं मिलनी चाहिए। जब स्कूली बच्चे संतुष्ट हो गए तब उन्होंने सड़क से जाम हटाया। सड़क हरदुआ गांव के सरपंच मिट्ठू लाल सेन ने बताया जब छात्र स्कूल जाने सड़क पर खड़े रहते हैं तो बस चालक काफी दूर बस रोकते हैं जिससे छात्र बैठ ही नहीं पाते और जब छात्र नहीं होते तो स्टाप पर ही बस को रोका जाता है। बस चालक की मनमानी से परेशान होकर स्कूली बच्चों ने जाम लगा दिया था जिसे कुछ देर बाद खोल दिया गया। मंगलवार को भी परिजन जाम लगाने वाले थे, जिसके लिए उन्होंने मना कर दिया और अधिकारियों को समस्या बताने के लिए कहा।