लखनऊ में पिछले एक महीने से बड़ी संख्या में वाहन चलते-चलते बंद होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वाहन चालकों के साथ-साथ मैकेनिक भी इस समस्या से परेशान हैं। कारीगरों का दावा है कि प्रतिदिन करीब 4,000 से 4,500 वाहन इसी तरह खराब होकर वर्कशॉप पहुंच रहे हैं। राजाजीपुरम निवासी आर.के. श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि पेट्रोल की गुणवत्ता और उसमें इथेनॉल की मात्रा की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि उपभोक्ता पूरी कीमत चुकाने के बावजूद खराब गुणवत्ता का ईंधन लेने को मजबूर हैं। हालांकि, पेट्रोल की गुणवत्ता या इथेनॉल को इस समस्या का कारण मानने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।