लखनऊ के केजीएमयू परिसर में गलत तरीके से खड़े वाहनों के कारण ओपीडी से लौट रहीं कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद गांधी वार्ड के पास जाम में फंस गईं। कुलपति के जाम में फंसने के बाद उन्हें निकालने के लिए तत्काल स्टाफ को लगाया गया। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि जब कोई आम मरीज या तीमारदार इसी जाम में फंसता है तो उसे निकालने के लिए कौन आगे आता है। बताया जा रहा है कि सड़क के किनारे ज्यादातर वाहन अस्पताल के स्टाफ के ही खड़े थे। गांधी वार्ड में गंभीर मरीजों का इलाज होता है, ऐसे में रास्ते में वाहनों के खड़े रहने से किसी आपात स्थिति में परेशानी बढ़ सकती है। परिसर में जगह-जगह सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बावजूद वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब सवाल है कि कुलपति के जाम में फंसने के बाद क्या केजीएमयू की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा?