मानवतावादी अधिवक्ता महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामाशंकर भीम एडवोकेट ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में बार काउंसिल और बार एसोसिएशनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारी अपनी प्रासंगिकता खो रहे हैं और सरकार की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं। रमा शंकर भीम ने कहा कि कानूनी संस्थाओं में भू-माफियाओं और धनबलियों का हस्तक्षेप बढ़ गया है, जिसे रोकना समय की मांग है। इस दौरान अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने, बार काउंसिल के सदस्यों की संख्या बढ़ाने और अधिवक्ताओं के हड़ताल के मौलिक अधिकार को संरक्षित करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं। बैठक में बसंत लाल रावत सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया।