वैष्णो देवी मेडिकल इंस्टीट्यूट में प्रवेश को लेकर छिड़े विवाद पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संस्थान में दाखिला किसी धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि केवल मेरिट और NEET परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होता है।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ लोग मुद्दे को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि मेडिकल शिक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पात्रता और रैंक के अनुसार तय होती है, इसलिए इसे धार्मिक चश्मे से देखना उचित नहीं है।
उन्होंने अपील की कि अनावश्यक विवाद फैलाने के बजाय युवाओं को उनकी मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रवेश विवाद पर जारी राजनीतिक और सामाजिक बहस पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।