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West Bengal Election 2026: रवि किशन की रैली में TMC का बवाल!

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Sun, 26 Apr 2026 09:28 PM IST

बंगाल की सियासत जहां हर रैली अब बन रही है शक्ति प्रदर्शन का मंच और हर रोड शो में छिपा है टकराव का खतरा लेकिन इसी गर्म माहौल में एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सवाल भी खड़े किए और तारीफ भी बटोरी। क्या बंगाल की राजनीति अब टकराव से आगे बढ़कर संयम की तरफ जाएगी? और आखिर उस रोड शो में ऐसा क्या हुआ कि टकराव होते-होते टल गया?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पहले चरण की वोटिंग खत्म हो चुकी है और दूसरे चरण को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंचता जा रहा है। रैलियां, रोड शो और आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी जंग अब और ज्यादा तीखी होती नजर आ रही है।

इसी बीच हावड़ा उत्तर विधानसभा सीट से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है, लेकिन साथ ही एक अलग संदेश भी दिया है।

दरअसल, भाजपा सांसद रवि किशन पार्टी उम्मीदवार उमेश राय के समर्थन में जोरदार रोड शो कर रहे थे। सड़कों पर भारी भीड़, नारेबाजी और चुनावी जोश अपने चरम पर था।

लेकिन तभी माहौल अचानक बदल गया। रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता वहां झंडे के साथ पहुंच गए। उनके पहुंचते ही भाजपा समर्थकों और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी बढ़ने लगी। हालात ऐसे बन गए कि कभी भी टकराव हो सकता था।

जैसे-जैसे दोनों पक्ष आमने-सामने आए, वहां मौजूद लोगों की संख्या और शोर-शराबा बढ़ने लगा। स्थिति बिगड़ती उससे पहले ही मंच पर मौजूद रवि किशन ने माइक संभाला और अपने खास अंदाज में भीड़ को संबोधित किया।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रवि किशन ने बेहद सख्त लेकिन शांत लहजे में दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा “ए लड़का लोग कोई तमाशा नहीं करेगा यहां पर…”

उनकी यह अपील सीधी और स्पष्ट थी। उन्होंने अपने समर्थकों से भी कहा कि किसी भी तरह का हंगामा नहीं होना चाहिए और रोड शो को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाए।

रवि किशन की इस अपील का असर भी तुरंत देखने को मिला। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने धीरे-धीरे शांति बरती और एक संभावित बड़ा टकराव टल गया।

यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ जहां विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रवि किशन के इस रवैये की तारीफ भी हो रही है कि उन्होंने मौके की नजाकत को समझते हुए स्थिति को संभाल लिया।

बंगाल की राजनीति में टकराव कोई नई बात नहीं है। चुनावी मौसम में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं, जहां कार्यकर्ताओं के बीच झड़प या तनाव की स्थिति बन जाती है। लेकिन इस घटना ने यह भी दिखाया कि अगर नेता चाहें तो हालात को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

अब सवाल यह है कि क्या आने वाले चरणों में भी ऐसी ही संवेदनशीलता देखने को मिलेगी या फिर सियासी गर्मी और बढ़ेगी?

फिलहाल इतना तय है कि इस वायरल वीडियो ने बंगाल की चुनावी तस्वीर में एक नया पहलू जरूर जोड़ दिया है जहां टकराव के बीच संयम की एक झलक भी देखने को मिली।

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