चुनाव से पहले पेश किए गए बजट में ममता बनर्जी, जिन्हें जनता प्यार से ममता दीदी कहती है, ने कई बड़े एलान कर सियासी माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इस बजट को साफ तौर पर जनकल्याण और चुनावी रणनीति का मिश्रण माना जा रहा है, जिसमें आम लोगों, खासकर महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीब तबकों को साधने की कोशिश दिखाई देती है।
ममता दीदी ने बजट के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनकी सरकार जमीनी मुद्दों को समझती है और केंद्र की कथित उपेक्षा के बावजूद राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में सामाजिक योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर धन आवंटित किया गया है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर दिया गया है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं को और मजबूत करने का एलान करते हुए सरकार ने उनके लाभ की राशि बढ़ाने और दायरा विस्तृत करने की बात कही है, जिससे महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति साफ झलकती है। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स और रोजगार सृजन से जुड़े प्रस्ताव रखे गए हैं, ताकि बढ़ती बेरोजगारी को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब दिया जा सके। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी, फसल बीमा और कृषि बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने की घोषणा की गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में सरकार की पकड़ मजबूत करने का प्रयास है। ममता दीदी ने बजट भाषण के दौरान केंद्र सरकार पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा और कहा कि सीमित संसाधनों और केंद्रीय सहायता की कमी के बावजूद उनकी सरकार राज्य की जनता के साथ खड़ी है।
विपक्ष ने इस बजट को चुनावी लोकलुभावन बताते हुए आरोप लगाया है कि यह केवल वोट बटोरने की कवायद है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे गरीब और वंचित वर्गों के लिए राहत देने वाला ऐतिहासिक बजट बता रहा है। बजट में बुनियादी ढांचे, सड़क, पुल और शहरी विकास के लिए भी प्रावधान किए गए हैं, ताकि विकास का एजेंडा भी संतुलित रूप से सामने रखा जा सके। कुल मिलाकर, चुनाव से पहले आया यह बजट ममता दीदी की राजनीतिक सूझबूझ और आक्रामक रणनीति को दर्शाता है, जिसमें एक ओर जनहितकारी घोषणाओं के जरिए जनता को साधने की कोशिश है, तो दूसरी ओर विपक्ष को यह संदेश भी दिया गया है कि तृणमूल कांग्रेस अभी भी पूरी ताकत के साथ मैदान में है। यह बजट आने वाले चुनावों में किस हद तक असर डालेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि ममता दीदी के इन बड़े एलानों ने राजनीतिक बहस को नई धार दे दी है।