रूपा गांगुली ने हाल ही में ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य को ऐसी सरकार की जरूरत है जो संविधान के अनुसार कार्य करे और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में वर्तमान समय में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। रूपा गांगुली ने कहा कि राज्य में राजनीतिक हिंसा, अपराध और प्रशासनिक निष्क्रियता लगातार बढ़ रही है, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आती है, तो वह पूरी तरह संविधान के दायरे में रहकर शासन चलाएगी और सभी नागरिकों को समान सुरक्षा और न्याय दिलाने का काम करेगी।
रूपा गांगुली ने अपने बयान में यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और कई घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस व्यवस्था पर भरोसा कम होता जा रहा है और आम लोग शिकायत दर्ज कराने से भी डरते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह मुद्दा उठाया कि राज्य में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है और कहा गया है कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी का कहना है कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर से प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है, और आने वाले समय में यह चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।