देशभर में मॉनसून का दौर जारी है। पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों तक झमाझम बारिश हो रही है। कई राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति हो गई। बिहार में बाढ़ के कारण अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। अब मौसम विभाग ने अब अगले सात दिनों के दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं पूर्वी मध्य भारत और उससे सटे प्रायद्वीपीय मध्य भारत में 13 से 17 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के जिलों में 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। राष्ट्रीय राजधानी में आज आंधी-तूफान और बारिश का अनुमान है।
दिल्ली में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है जबकि अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आज राज्य में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। जबकि आसमान में बादल छाए रहेंगे। उत्तर प्रदेश में इस बार मॉनसून खूब मेहरबान है। राज्य झमाझम बारिश हो रही है। सोमवार को भी राज्य के कई जिलों में हल्की से भारी बारिश हुई। भारत मौसम विभाग के अनुसार, 12 से 15 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में भारी बारिश होने के आसार है। वहीं यूपी के शाहजहांपुर, बलिया, बांदा, फरुर्खाबाद, प्रयागराज, वाराणसी और अन्य कई जिलों में बाढ़ से हालात खराब हैं। बिहार के पटना, भागलपुर, सीतामढ़ी और अन्य कई जिलों में सड़कों और रेल पटरियों पर पानी आ जाने से आवागमन बाधित है।
लाखों लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिशें विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं। सोमवार के लिए मौसम विभाग ने 22 जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। जबकि मौसम विभाग ने राज्य के 6 जिलों के लिए भारी बारिश की आशंका को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अगले 12 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, औरंगाबाद, अरवल, बक्सर, भोजपुर जिलों में भारी बारिश के आसार व्यक्त किए गए हैं। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सोमवार सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में झरने और गदेरे उफान पर हैं, जबकि मैदानी हिस्सों में कई जगह जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में जिलो में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इसके साथ अगले मौसम का यह रुख अगले सात दिनों तक जारी रहेगा