पीएम मोदी ने कहा कि हम समुद्र के भीतर के तेल के भंडार को खोजने की दिशा में एक मिशन मोड में काम करना चाहते हैं। भारत एक डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। यह ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए हमारी अहम घोषणा है। आज दुनिया क्रिटिकल मिनरल को लेकर सतर्क हो गया है। हमारे लिए भी क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। रक्षा, तकनीक, आदि क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की काफी बड़ी भूमिका है। इसलिए नेशनल क्रिटिकल मिशन हमने लॉन्च किया है। 1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है। हम क्रिटिकल मिनरल्स की दिशा में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हम ऊर्जा जरूरतों के लिए कई देशों पर निर्भर है।
हमें लाखों-करोड़ों खर्च कर के पेट्रोल-डीजल-गैस दूसरे देशों से लाना पड़ता है। हमने बीड़ा उठाया और 11 वर्षों में सोलर एनर्जी बढ़ चुकी है। हम नए-नए डैम बना रहे हैं, ताकि हाइड्रो पावर का विस्तार हो और क्लीन एनर्जी मिले। भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन लेकर आज हजारों करोड़ निवेश कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा में 10 नए परमाणु रिएक्टर काम कर रहे हैं। 2047 तक हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएंगे। हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए परमाणु ऊर्जा के द्वार खोल दिए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमने तय किया था कि हम 2030 तक हम क्लीन एनर्जी लाएंगे। हमने जो संकल्प तय किया था वह हम 50 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं। बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल, गैस लाने में खर्च होता है। अगर हम ऊर्जा में निर्भर न होते तो वो धन देश के युवाओं, गरीबी दूर करने के लिए काम आता। अब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं। हम अब समुद्र मंथन की ओर जा रहे हैं। हम समुद्र के भीतर तेल और गैस भंडार खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत नया मिशन शुरू करने जा रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया जब ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए चिंता करती है तो मैं विश्व को यह बताना चाहता हूं कि हमने लक्ष्य रखा था कि 2030 तक हम स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग को 50 फीसदी तक पहुंचा देंगे।
मेरे देशवासियों का संकल्प देखिए- हमने जो लक्ष्य 2030 के लिए रखा था, वो 50 प्रतिशत क्लीन एनर्जी का लक्ष्य, हमने 2025 में ही अचीव कर लिया। क्योंकि प्रकृति के प्रति हम उतने ही जिम्मेदार लोग हैं। बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल-डीजल को लाने के लिए खर्च होता है। अगर हम ऊर्जा पर निर्भर न होते तो वो धन हमारे युवाओं के लिए काम आता। हमारे किसानों के लिए काम आता। हमारे गांवों की किस्मत पलटने के काम आता। गरीबों को निर्धनता से बाहर लाने में काम आता। लेकिन अब देश को विकसित बनाने के लिए हम अलग से कोशिशें कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम समुद्र के भीतर के तेल के भंडार को खोजने की दिशा में एक मिशन मोड में काम करना चाहते हैं। भारत एक डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। यह ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए हमारी अहम घोषणा है। आज दुनिया क्रिटिकल मिनरल को लेकर सतर्क हो गया है। हमारे लिए भी क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। रक्षा, तकनीक, आदि क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की काफी बड़ी भूमिका है। इसलिए नेशनल क्रिटिकल मिशन हमने लॉन्च किया है। 1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है। हम क्रिटिकल मिनरल्स की दिशा में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।