बिहार का पिछड़ापन राजनीतिक बदलाव के बगैर संभव नहीं है। बिहार की राजनीति अभी तक लालू यादव और नीतीश कुमार के चेहरे के इर्दगिर्द ही घूमती रही है। जनता सो गई है। जनता का दिमाग बंद है। इन्हीं बातों को लेकर बिहार में अपने-अपने अभियान में जुटे हैं राजीव प्रताप रूडी और प्रशांत किशोर।