दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली होती जा रही है। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली के आनंद विहार क्षेत्र में एक्यूआई 412 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के अन्य हिस्सों में भी हालात गंभीर हैं, हालांकि हवा की रफ्तार थोड़ी बढ़ने से शुक्रवार को कुछ सुधार दर्ज किया गया।
शुक्रवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 284 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में लगभग 30 अंक कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार केवल अस्थायी है क्योंकि हवा की दिशा और तापमान में मामूली बदलाव के साथ ही स्थिति फिर से बिगड़ सकती है।
दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर गाजियाबाद रहा, जहां शुक्रवार को एक्यूआई 269 दर्ज किया गया। वहीं, नोएडा का एक्यूआई 246 और ग्रेटर नोएडा का 262 रहा। इन दोनों शहरों में पिछले दो दिनों से हवा ‘ऑरेंज जोन’ यानी ‘खराब श्रेणी’ में दर्ज की जा रही है।
बुधवार तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई ‘रेड जोन’ में पहुंच चुका था। हालांकि, गुरुवार और शुक्रवार को इसमें कुछ कमी देखी गई। सीपीसीबी की रिपोर्ट बताती है कि नोएडा के सेक्टर 125 में एक्यूआई 225, सेक्टर 62 में 245, सेक्टर 116 में 260, जबकि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में 258 और नॉलेज पार्क-5 में 248 दर्ज किया गया।
गुड़गांव और फरीदाबाद की हवा भी राहत भरी नहीं है। गुड़गांव में एक्यूआई 219 और फरीदाबाद में 198 रहा। ये स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आते हैं और लंबे समय तक रहने पर सेहत पर असर डाल सकते हैं।
ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार हुआ। गुरुवार की तुलना में एक्यूआई 14 अंक घटा और 262 पर पहुंचा। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवा की रफ्तार 5.6 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि आर्द्रता का स्तर 39 प्रतिशत रहा। धीमी हवा और सूखे मौसम ने प्रदूषकों को फैलने नहीं दिया, जिससे आसमान में धुंध छाई रही।
सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि नॉलेज पार्क-3 में पीएम 2.5 का औसत स्तर 267 और पीएम-10 का स्तर 159 रहा। वहीं नॉलेज पार्क-5 में पीएम 2.5 का औसत स्तर 268 और पीएम-10 का स्तर 202 दर्ज किया गया।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि “निर्माण कार्यों पर अभी रोक नहीं लगी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। बीते दिनों के मुकाबले एक्यूआई में सुधार हुआ है। अगर दिल्ली सरकार कृत्रिम वर्षा करवाती है तो इसका असर एनसीआर पर भी दिख सकता है।”
राजधानी में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू है। इसके तहत दिल्ली और एनसीआर में कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं जैसे सड़क किनारे धूल नियंत्रण, डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल पर रोक, और सड़कों की नियमित सफाई। बावजूद इसके प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर सामान्य से तीन से चार गुना अधिक है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए बेहद हानिकारक है।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से हवा की दिशा बदल सकती है और रफ्तार घट सकती है, जिससे प्रदूषण स्तर में फिर वृद्धि होने की आशंका है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
हवा में यह मामूली राहत फिलहाल स्थायी नहीं मानी जा रही। दिल्ली की हवा अब भी सांसों पर भारी है और आने वाले दिनों में प्रदूषण से जंग और कठिन हो सकती है।