कर्नाटक के मांड्या जिले के मद्दुर कस्बे में रविवार को गणपति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव फैल गया। कथित तौर पर शोभायात्रा गुजरते समय मस्जिद की ओर से पथराव हुआ, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया। इस घटना के बाद शोभायात्रा में शामिल कुछ युवकों ने मस्जिद पर हमला कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों समुदायों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस को हालात संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, रविवार को मद्दुर कस्बे के राम रहीम नगर इलाके में भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान जब जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा, तो अचानक पथराव शुरू हो गया। लोगों ने आरोप लगाया कि पथराव मस्जिद की ओर से किया गया था। इस घटना से शोभायात्रा में शामिल लोग भड़क गए और उन्होंने भी मस्जिद की ओर हमला कर दिया। इससे दोनों गुट आमने-सामने आ गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में दोनों समुदायों के लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन हालात को देखते हुए अतिरिक्त बल बुलाया गया है।
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी है। मांड्या जिले के पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने मद्दुर कस्बे और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अफवाह या हिंसा फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालात तनावपूर्ण होने के बावजूद पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच गणपति विसर्जन पूरा कराया। शोभायात्रा में शामिल लोगों को पुलिस सुरक्षा घेरे में विसर्जन स्थल तक पहुंचाया गया। पुलिस ने कहा कि त्योहार का अपमान न हो और धार्मिक भावनाएं आहत न हों, इसलिए यह कदम जरूरी था।
इस घटना की भाजपा और कई हिंदू संगठनों ने कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक हुई है। संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रशासन पहले से अलर्ट नहीं था, जबकि गणेश विसर्जन के दौरान हजारों लोग शामिल रहते हैं।
वहीं प्रशासन का कहना है कि हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है और दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
कर्नाटक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा न करें। पुलिस ने कहा कि इलाके में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और तनाव फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
गणपति विसर्जन का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया गया, लेकिन मांड्या का मद्दुर कस्बा सांप्रदायिक झड़प की वजह से सुर्खियों में आ गया। प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती है कि वे माहौल को जल्द से जल्द सामान्य बनाएं और दोषियों पर कार्रवाई करें।