शंकराचार्य विवाद पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर तीखे बयान देकर सियासी और धार्मिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। केशव मौर्य ने साफ शब्दों में कहा कि वह शंकराचार्यों का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ लोग इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा, “मैं तो बस उनके चरणों में प्रणाम करता हूं, लेकिन कुछ लोग घड़ियाली आंसू बहाकर संतों के द्रोही बन रहे हैं। ये लोग सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं।” उन्होंने शंकराचार्य को लेकर चल रहे विवाद पर दो टूक कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी तरह का राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है।
केशव मौर्य ने शंकराचार्य से संगम में स्नान करने की अपील करते हुए कहा कि आस्था और परंपरा का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं को लेकर राजनीति करना गलत है और इससे समाज में भ्रम फैलता है।
डिप्टी सीएम ने विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोग सिर्फ दिखावे के आंसू बहा रहे हैं। ये संतों और सनातन परंपरा के द्रोही हैं। इनका मकसद केवल राजनीतिक फायदा उठाना है।”
केशव मौर्य ने 2047 का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आज इस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वे आने वाले वर्षों में भी सिर्फ टकटकी लगाए बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा, “2047 तक ये लोग सिर्फ देखते रह जाएंगे, इन्हें कोई फायदा मिलने वाला नहीं है।”
डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद शंकराचार्य विवाद एक बार फिर सियासी रंग लेता दिख रहा है। विपक्ष ने पहले ही सरकार पर धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं। वहीं, सत्तापक्ष का कहना है कि वह आस्था और परंपरा के साथ खड़ा है और राजनीति करने वालों को जनता जवाब देगी।
अब देखना होगा कि केशव मौर्य के इन बयानों के बाद शंकराचार्य विवाद पर सियासत और कितनी तेज होती है।