जयशंकर का एक बयान ऐसे समय में आया है जब संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने बवाल काट दिया। बार बार विपक्ष की तरफ से ट्रंप के फोन कॉल को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। राहुल गांधी से लेकर अखिलेश तक ने ये सवाल उठाया था। जिसके बाद जयशंकर ने ये जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा के दौरान जयशंकर ने जोरदार ढंग से कहा कि मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने में वाशिंगटन की कोई भूमिका नहीं थी और कहा कि उन महत्वपूर्ण हफ्तों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच कोई फोन कॉल नहीं हुई थी। विदेश मंत्री की बात सुनने के बाद विपक्ष के नेता हंगामा करने लगे। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकाने तबाह किए थे। इस दौरान किसी भी आम नागरिक या सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं हुआ था। हालांकि, पाकिस्तान सेना ने जवाब में भारत पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। भारत ने इन हमलों को नाकाम करते हुए पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया। हालांकि, इससे पहले भारत ने पाकिस्तानी वायुसेना के 11 ठिकानों को निशाना बनाया था और कम से कम 20 फीसदी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को फोन किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ।