लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान छात्र आंदोलन, परीक्षा प्रणाली और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और कथित तौर पर फायरिंग तथा पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। राहुल गांधी के इस बयान के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया और सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके चलते सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही।
राहुल गांधी के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस नेता के बयान को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार झूठे आरोप लगाकर देश को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने झूठ बोलने की शपथ ली हुई है। कभी कहते हैं कि पुलिस वाले ने उनके कान में आकर कहा, आज वही पुलिस वाला मेरे पास आया था और उसने मेरे कान में कहा कि राहुल गांधी जी झूठ बोल रहे हैं।" गौरव वल्लभ ने दावा किया कि राहुल गांधी अपने कई बयानों को लेकर अदालतों में माफी मांग चुके हैं और उन्हें तथ्यों के आधार पर राजनीति करनी चाहिए।
भाजपा नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि उनका नाम कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों से जुड़ा है। गौरव वल्लभ ने कहा, "उनका नाम अमित शाह है, ध्यान रखना। कांपते कोई और लोग हैं। उन्होंने नक्सलवादियों को खत्म करने का काम किया है, इसलिए उनके नाम से वही लोग डरते हैं जिन्होंने गलत काम किया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी तथ्यों के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
गौरव वल्लभ ने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी इस तरह के आरोप बिना सबूत के लगाते रहेंगे तो उन्हें सदन में भी जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी, आप असत्य बोलना बंद करिए, वरना जिस तरह कोर्ट में माफी मांगते रहे हैं, उसी तरह सदन में भी माफी मांगनी पड़ेगी।" परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान हुए इस विवाद ने सदन का राजनीतिक माहौल और गर्म कर दिया। जहां विपक्ष सरकार को छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली को लेकर घेरने में जुटा रहा, वहीं भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित और तथ्यों से परे बताते हुए उनका जोरदार जवाब दिया।