बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह पहली लिस्ट जनसुराज के अब तक के सबसे बड़े राजनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है।
इस सूची में 51 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा गोपालगंज की भोरे सीट से प्रीति किन्नर और रोहतास के करगहर से भोजपुरी गायक रितेश पांडे के टिकट को लेकर हो रही है।
जहां एक ओर रितेश पांडे का नाम सेलिब्रिटी फैक्टर के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं प्रीति किन्नर को टिकट देकर प्रशांत किशोर ने एक सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है “जनसुराज सबका है।”
प्रीति किन्नर लंबे समय से भोरे विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक कामों से जुड़ी रही हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय चेहरा मानी जाती हैं। वे लगातार अपने समुदाय के अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाती रही हैं।
पिछले कुछ महीनों में कई मौकों पर प्रशांत किशोर को भी भोरे क्षेत्र में प्रीति के अभियान में देखा गया था। ऐसे में अब जब जनसुराज ने उन्हें टिकट दिया है, तो इसे केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं बल्कि एक संदेश देने वाला कदम भी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह पीके का “सोशल इन्क्लूजन मास्टरस्ट्रोक” है, जो बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।
जनसुराज की लिस्ट में दूसरा सबसे बड़ा नाम भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे का है। रोहतास जिले की करगहर सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। दिलचस्प यह है कि इसी सीट से खुद प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही थी। रितेश भोजपुरी इंडस्ट्री के जाने-माने चेहरों में से हैं और सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है।
पीके ने उन्हें टिकट देकर यह संकेत दिया है कि जनसुराज युवा और पॉपुलर चेहरों के जरिए जनता से सीधा संवाद बनाना चाहता है। रितेश का नाम युवाओं और खासकर भोजपुरी बेल्ट के मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
जनसुराज की पहली सूची में कुल 51 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इनमें अलग-अलग वर्ग, समाज और पेशे से आने वाले लोगों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
सूची में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं-
• करगहर (रोहतास) – रितेश पांडे
• भोरे (गोपालगंज) – प्रीति किन्नर
• दरभंगा सदर – आरके मिश्रा
• सहरसा शहर – किशोर मुन्ना
• छपरा शहर – पूर्व एडीजी जेपी सिंह
• इमामगंज – अजीत राम
• कुम्हर (पटना) – केसी सिन्हा
• शेरघाटी (गया) – पवन किशोर
• मांझी (सारण) – वाईवी गिरि
सूची जारी होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खासकर प्रीति किन्नर और रितेश पांडे जैसे नामों ने इस लिस्ट को अलग पहचान दी है।
प्रशांत किशोर ने साफ कर दिया है कि वे इस चुनाव में स्वच्छ, समावेशी और युवा राजनीति को प्राथमिकता देंगे। वे बार-बार यह कहते आए हैं कि जनसुराज का मकसद सिर्फ चुनाव जीतना नहीं बल्कि “राजनीति को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना” है।
जनसुराज की इस पहली लिस्ट ने यह साबित कर दिया है कि पीके अपनी रणनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व, युवा चेहरों और चर्चित व्यक्तित्वों का संतुलन बखूबी साध रहे हैं।
जनसुराज की इस लिस्ट के बाद बिहार की सियासत में नई हलचल मच गई है। एक ओर बीजेपी और आरजेडी परंपरागत जातिगत समीकरणों में उलझे हैं, वहीं प्रशांत किशोर ने अपने उम्मीदवार चयन के जरिए “समावेशी बिहार” की नई तस्वीर पेश करने की कोशिश की है।
अब देखना यह होगा कि क्या यह ‘सोशल बैलेंस कार्ड’ जनसुराज को राजनीतिक जमीन दिला पाएगा या नहीं। लेकिन इतना तय है प्रीति किन्नर और रितेश पांडे की एंट्री से बिहार का यह चुनाव पहले से कहीं ज्यादा दिलचस्प हो गया है।