प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने गाजा शांति योजना की सफलता, द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक समझौते को लेकर ट्रंप को बधाई दी और इसे “पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम” बताया।
पीएम मोदी ने बातचीत के बाद अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा-
“अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। साथ ही व्यापार वार्ता में हुई अच्छी प्रगति की समीक्षा की। आने वाले हफ्तों में हम घनिष्ठ संपर्क में रहने पर सहमत हुए।”
इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता को मजबूत करने पर भी विचार साझा किए। यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है और अमेरिका भी एशिया में संतुलन की नई रणनीति पर काम कर रहा है।
पश्चिम एशिया में दो साल से जारी विनाशकारी युद्ध के बाद गाजा में शांति की एक नई शुरुआत हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इस्राइल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने का फैसला किया है। यह समझौता “गाजा शांति योजना” के पहले चरण का हिस्सा है, जिसे अब तक का सबसे ठोस और उम्मीद जगाने वाला प्रयास माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा-
“हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का भी प्रतिबिंब है। हमें उम्मीद है कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचने से उन्हें राहत मिलेगी तथा स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।”
मोदी ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल अमेरिका की मध्यस्थता की सफलता है, बल्कि नेतन्याहू के दृढ़ नेतृत्व की झलक भी देता है।
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों से गाजा में इस्राइल और हमास के बीच हिंसा की कई घटनाएं हुईं, जिनमें हजारों लोग मारे गए और लाखों विस्थापित हुए। अब युद्धविराम की यह घोषणा वहां के लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनी है।
मोदी-ट्रंप बातचीत में व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने चल रही व्यापार वार्ताओं की समीक्षा की और अगले कुछ हफ्तों में इसे आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारत और अमेरिका हाल के वर्षों में रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र में घनिष्ठ सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी मिलकर काम कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया में शांति बहाली के इस कदम का भारत ने न केवल स्वागत किया, बल्कि इसे वैश्विक स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत बताया। भारत लगातार यह कहता रहा है कि किसी भी क्षेत्र में शांति तभी टिकाऊ हो सकती है जब संवाद, सहयोग और विश्वास पर आधारित हो।
पीएम मोदी की यह टिप्पणी भारत की संतुलित विदेश नीति की झलक भी देती है जहां एक ओर अमेरिका और इस्राइल जैसे सहयोगियों के साथ संबंध मजबूत हैं, वहीं भारत फिलिस्तीन के लोगों के मानवीय अधिकारों की भी वकालत करता रहा है।