वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने कहा कि संसद में बात होनी चाहिए, बहस होनी चाहिए और मुद्दे उठने चाहिए। झांसी की घटना को वहां के सांसद तक ने नहीं उठाया क्योंकि वो भाजपा से हैं और राज्य में भाजपा की सरकार है। अगर मुद्दे दल के हिसाब से उठेंगे तो यह होगा। लंबे समय तक कार्यवाही को रोकना भी सही नहीं है। ऐसे में कई कानून बिना चर्चा के भी पारित हो जाते हैं। बेहतर यह है कि आप चर्चा करें और जिस पर आपकी सहमति ना हो तो आप बहिर्गमन करें। मुझे लगता है कि जिम्मेदारी दोनों पक्षों की है और सबसे बड़ी जिम्मेदारी सरकार की है।