राज्यसभा में 'वंदे मातरम' पर बहस में बोलते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "कांग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई के दौरान 'वंदे मातरम' को नारा बनाने का काम किया.आपका इतिहास रहा है कि आप हमेशा आज़ादी की लड़ाई और देशभक्ति के गानों के खिलाफ रहे
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते और गृह मंत्री अमित शाह भी वही करते हैं मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ".कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों, जिनमें नेहरू जी, महात्मा गांधी, मौलाना आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र जी, सरदार पटेल जी, गोविंद वल्लभ पंत जी शामिल थे, उन्होंने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें सिफारिश की गई थी कि जहां भी राष्ट्रीय समारोहों में वंदे मातरम गाया जाता है, वहां केवल पहले दो छंद ही गाए जाने चाहिए.क्या नेहरू जी कांग्रेस वर्किंग कमेटी में साथ थे? आप उन सभी बड़े नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने मिलकर फैसला लिया था। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरूजी को क्यों टारगेट करते हैं?
राज्यसभा में 'वंदे मातरम' पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सबसे पहले इस चर्चा के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'वंदे मातरम' पर बहस देश के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं जैसे चीन की घुसपैठ, गिरते रुपए के मूल्य और दलितों के मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक साजिश है। उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चीन लद्दाख में घुस आया है, लेकिन सरकार '56 इंच की छाती' होने का दावा करने के बावजूद उसके खिलाफ कुछ नहीं बोल पा रही है, और यह पूछने लगे कि इस 56 इंच की छाती का देश को क्या फायदा हुआ।
वंदे मातरम के साथ कांग्रेस के जुड़ाव पर जोर देते हुए, खरगे ने सत्ता पक्ष पर पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस ने ही स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'वंदे मातरम' को एक नारा बनाने का काम किया। उन्होंने भाजपा की विचारधारा वाले पूर्ववर्ती संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब महात्मा गांधी ने 1921 में असहयोग आंदोलन शुरू किया था, तब कांग्रेस के लाखों स्वतंत्रता सेनानी 'वंदे मातरम' का नारा लगाते हुए जेल गए थे, जबकि 'आप (सत्ता पक्ष) उस समय अंग्रेजों के लिए काम कर रहे थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति के गीतों के खिलाफ रहा है, और जो लोग पहले इसे नहीं गाते थे, वे अब इसे राजनीति का हथियार बना रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय गीत के केवल पहले दो छंदों को अपनाने के फैसले पर नेहरू जी को दोषी ठहराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की। खरगे ने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम के पहले दो छंदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में इस्तेमाल करने का निर्णय अकेले जवाहरलाल नेहरू का नहीं था, बल्कि यह महात्मा गांधी, मौलाना आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल सहित कांग्रेस कार्यसमिति के सभी बड़े नेताओं का सामूहिक निर्णय था। उन्होंने कहा कि नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा जाता है, और इन नेताओं पर सवाल उठाकर सरकार उन सभी महान हस्तियों का अपमान कर रही है जिन्होंने मिलकर यह फैसला लिया था।