मायावती अब अपने पुराने पैटर्न पर वापास आना चाहती है। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद वह अब दुबारा दलित और मुस्लिम समीकरण के साथ आने वाले लोकसभा चुनाव में उतरने की तयारी कर रही है। आपको याद होगा की उत्तरप्रदेश विधानसभा में किस तरह मायावती ने ब्राह्मण वोट के सहारे मैदान में थी लेकिन उनको बुरी तरह हार मिली इतनी बुरी तरह की अब तक का सबसे कम सिर्फ 1 सीट मिली है।मायावती जातिय समीकरण को साधने में माहिर नेता है।