उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गुरुवार को एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र की हवाई पट्टी पर एक मिनी जेट प्लेन टेक ऑफ के दौरान फिसल गया और झाड़ियों में जा घुसा। विमान में उद्योगपति अजय अरोड़ा और उनके सहयोगी सवार थे। हादसे में सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ सेकंड की देरी से यह घटना एक बड़ा हादसा बन सकती थी।
स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल विमान को हवाई पट्टी से हटाकर टेक्निकल जांच के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है
घटना गुरुवार सुबह लगभग 10:30 बजे की है। मिली जानकारी के अनुसार, यह प्राइवेट मिनी जेट (VT-DZE) “जेट सर्विस एविएशन प्राइवेट लिमिटेड” का था, जो भोपाल जाने वाला था।
विमान ने जैसे ही गति पकड़ी, रनवे पर करीब 400 मीटर तक दौड़ने के बाद अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गया और रनवे के किनारे बनी झाड़ियों में जा रुका।
घटना के समय विमान में कुल पांच लोग सवार थे-
• अजय अरोड़ा (डीएमडी, वुडपैकर ग्रीन एंग्री न्यूट्री पद प्राइवेट लिमिटेड)
• सुमित शर्मा (एसबीआई हेड)
• राकेश टीकू (बीपीओ अधिकारी)
• कैप्टन नसीब बामल (पायलट)
• कैप्टन प्रतीक फर्नांडीज (को-पायलट)
सौभाग्य से किसी को चोट नहीं आई, लेकिन विमान का अगला हिस्सा और पहिए क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के बाद कंपनी के उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट हेड मनीष कुमार पांडे ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विमान के पिछले पहिए में हवा कम थी, जिसकी जानकारी पायलट को पहले से थी, लेकिन उसने इसके बावजूद उड़ान की तैयारी शुरू कर दी।
मनीष कुमार ने कहा,
“अगर विमान झाड़ियों से कुछ और मीटर आगे बढ़ता, तो यह बाउंड्री दीवार से टकरा सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था। पायलट की लापरवाही से सभी की जान खतरे में थी।”
यह भी बताया गया कि फ्लाइट को सुबह 10:30 बजे भोपाल के लिए रवाना होना था, लेकिन टेक ऑफ के दौरान ही यह हादसा हो गया।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने भी विमानन नियमों के उल्लंघन पर नाराजगी जताई। फायर ऑफिसर ने बताया कि उन्हें 12 घंटे पहले की अनिवार्य सूचना नहीं दी गई थी, जबकि विमान को उड़ान भरने से पहले ट्रेजरी फीस जमा करनी होती है और कम से कम 12 घंटे पहले सूचना देना अनिवार्य है।
लेकिन इस मामले में सूचना केवल आधे घंटे पहले दी गई थी, जिससे आपातकालीन तैयारी का समय ही नहीं मिला।
इस वजह से प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और सिविल एविएशन विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, अजय अरोड़ा और उनकी टीम बुधवार दोपहर 3 बजे भोपाल से फर्रुखाबाद पहुंचे थे। वे खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र में बन रही बीयर फैक्टरी का निरीक्षण करने आए थे। निरीक्षण के बाद गुरुवार सुबह वे वापस भोपाल लौट रहे थे।
अजय अरोड़ा ने बताया,
“हम सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह भगवान की कृपा है कि समय रहते विमान रुक गया। अब हम भोपाल जाने के लिए आगरा से फ्लाइट लेंगे।”
जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि विमान की टेक्निकल फिटनेस पूरी थी या नहीं, और पायलट ने उड़ान से पहले अनिवार्य चेकलिस्ट का पालन किया था या नहीं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे निजी विमानों में अक्सर रखरखाव और जांच प्रक्रिया को हल्के में लिया जाता है, जिससे इस तरह की घटनाएं होती हैं।
अगर रनवे पर मौजूद झाड़ियां न होतीं, तो विमान दीवार से टकराकर पलट भी सकता था।
हादसे के बाद विमान में मौजूद सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में हवाई पट्टी पर पहुंचे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
पुलिस ने विमान को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया है।
फिलहाल विमानन कंपनी और पायलट से पूछताछ जारी है। अगर तकनीकी जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है, तो DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।