भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा, "बिहार में SIR के बाद फर्जी वोटरों के नाम कटने से ममता बनर्जी डर गई हैं। सबसे ज्यादा फर्जी मतदाता यहां हैं। इस बार इनके चुनाव जीतने की कोई उम्मीद नहीं है। जनता को भ्रमित करने के लिए वे NRC की बात कर रही हैं। भारत के नागरिकों के नाम नहीं हटाए जाएंगे। सही लोग वोट नहीं कर पाते हैं... फर्जी कार्ड बनाकर लोगों को वोट देने के लिए भेजा जाता है।
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी द्वारा बिहार में मतदाता सूची संशोधन को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधने का कोई सीधा बयान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है जिसमें उन्होंने कहा हो कि "बिहार में SIR के बाद फर्जी वोटरों के नाम कटने से ममता बनर्जी डर गई हैं." हालांकि, दोनों नेताओं के बीच मतदाता सूची और फर्जी मतदाताओं के मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है.
एक ओर जहां लॉकेट चटर्जी पश्चिम बंगाल में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाने का आरोप ममता बनर्जी सरकार पर लगाती रही हैं, वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी ने बिहार में हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया की आलोचना की है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिहार में हुई इस 'SIR' प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की. उन्होंने इसे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) जैसी प्रक्रिया बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. ममता बनर्जी ने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर गरीब और प्रवासी मजदूरों को मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि बिहार के बाद इसे पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है.
लॉकेट चटर्जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार पश्चिम बंगाल में फर्जी मतदाताओं का मुद्दा उठाते रहे हैं. लॉकेट चटर्जी ने कई मौकों पर आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी सरकार जानबूझकर रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल कर रही है ताकि उनका इस्तेमाल वोट बैंक के रूप में किया जा सके.